मथुरा। जमुनापार थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनगर निवासी 63 वर्षीय पुष्पा देवी पत्नी भगवती प्रसाद की भी हाथरस के सत्संग हादसे में जान चली गई। वे अपनी बहन राजवती देवी के साथ सत्संग में गईं थीं।
पुष्पा देवी के बेटे विशाल कुमार अग्निशमन विभाग में कांस्टेबल हैं और फिरोजाबाद में तैनात हैं। विशाल ने बताया कि हादसे की जानकारी पाते ही वह फिरोजाबाद से सीधे अपनी मां की तलाश में हाथरस के लिए निकल गए। शाम को वहां पहुंचे। अफरातफरी के माहौल में उनको मां नहीं मिली। इसके बाद अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां भी मां नहीं मिली तो एटा के मेडिकल कॉलेज गए। वहां से भी निराशा हाथ लगने पर वापस हाथरस लौटे।
वहां से फिर आगरा के एसएन में भी कुछ घायलों को भर्ती किए जाने की जानकारी मिली। देर रात को एसएन मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। वहां करीब दो घंटे की तलाश के बाद मां मृत हालत में पड़ी मिलीं। इस पर परिवार वालों को सूचना दी। विशाल ने बताया कि परिवार में पिता हैं, जोकि बैंक से सेवानिवृत्त हैं। वहीं, पांच बहन और भाई हैं। एक बहन की शादी नहीं हुई है। परिवार में गम का माहौल है। मौसी राजवती देवी सकुशल हैं।
जमुनापार थाना क्षेत्र के गांव लोहवन की यशोदा (70) पत्नी संतोषीलाल अपने पड़ोसी एवं रिश्तेदारों के साथ हाथरस में सत्संग सुनने गईं थीं। उनके रिश्ते के भाई फक्कड़ नाथ ने बताया कि एक कार से यशोदा, वे खुद अपनी पत्नी पूरन, पड़ोसन दुलारी पत्नी रामप्रसाद, कमलेश और उसके पति राजेंद्र संग हाथरस में सत्संग सुनने गए थे। हादसे के समय सभी साथ थे। मगर, भगदड़ अधिक होते ही बिछड़ गए। भीड़ में से बिछड़ी यशोदा जमीन पर गिर गई और भीड़ ने उनको रौंद दिया। इससे उनकी मौत हो गई।
एटा के मेडिकल कॉलेज में उनको ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों ने मृत होने की पुष्टि की। यशोदा का एक बेटा राकेश भारती सीआईएसएफ में है। दूसरा प्रदीप भारती दिल्ली में रेलवे में स्टेशन मास्टर के पद पर हैं। तीसरा सत्यपाल अपना कामकाज करता है। उनके पति संतोषीलाल बीएसएनएल से सेवानिवृत्त हैं। हादसे ने भरे-पूरे परिवार की खुशियों को छीन लिया है।