करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र यमुना महारानी का जल अब और प्रदूषित हो गया है। इसमें स्नान, आचमन और जल सेवन से श्रद्धालु बीमार हो रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण श्रीराधारानी ब्र्रजयात्रा में चल रहे वो यात्री हैं, जो जल का सेवन कर बीमार हो गए। घटना से श्रद्धालुओं में बेचैनी है।
जिले के अफसरों की लापरवाही करोड़ों लोगों की आस्था पर भारी पड़ रही है। श्रीराधारानी ब्रजयात्रा में शामिल यात्रियों के यमुना जल में स्नान, आचमन और सेवन के बाद 50 से अधिक यात्री डायरिया, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो गए हैं।
इन सभी यात्रियों का रामकृष्ण मिशन वृंदावन और अन्य अस्पतालों पर इलाज चल रहा है। यात्रा के व्यवस्थापक सुनील सिंह ने बताया हमने यात्रा में चल रहे श्रद्धालुओं को चेतावनी जारी कर दी है कि वो यमुना में स्नान न करें इसके साथ ही जल सेवन, आचमन न करें।
चिकित्सकों ने दी यमुना जल से बचने की सलाह
डा. सीपी अग्रवाल ने कहा कि यमुना जल का प्रदूषण शरीर के लिए घातक है। इससे त्वचा संबंधी बीमारियों के अलावा और भी घातक बीमारियां हो सकती है। डा. एमके गुप्ता ने कहा यमुना के जल में आर्सेनिक, बैैक्टीरिया की मौजूदगी है। आर्सेनिक किडनी की घातक बीमारियों को पैदा करते हैं तो बैक्टीरिया से तमाम रोग होते हैं। ऐसे में यात्री इस जल से स्नान या फिर इसका सेवन न करें।
हद दर्जे की लापरवाही
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- यमुना जल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा मानकों से कम, मर रहे जलचर