आश्रम की छत पर गए एक संत पर बुधवार को बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। बंदरों से बचने के प्रयास में संत दो मंजिला भवन से नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
गौशाला नगर स्थित लालबाबा का आश्रम है। यहां 70 वर्षीय लालदास पिछले काफी समय से रहकर भजन कर रहे थे। बुधवार की दोपहर लगभग तीन बजे वह नीम के पेड़ से पत्ती तोड़ने के लिए आश्रम की छत पर गए। तभी वहां मौजूद बंदरों के झुंड ने संत लालदास पर हमला कर दिया। उन्होंने अपने आपको बंदरों से बचाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन बंदरों ने उन्हें चारों तरफ से घेर कर एक साथ हमला कर दिया। बचने के प्रयास में वे दूसरी मंजिल की छत से नीचे आ गिरे। उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग आश्रम की ओर दौड़े। खून से लथपथ पड़े लालदास की मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। शिक्षाविद चंदलाल शर्मा का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। घरों के बाहर निकलना भी लोगों के लिए दुश्वार हो चुका है। बता दें कि गत रविवार को गोपीनाथ केशीघाट क्षेत्र में छत पर कपड़े लेने गई महिला पर बंदरों ने हमला कर दिया, जिसमें महिला छत से गिरकर घायल हो गई थी।