प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई नोटबंदी से कोई भी अमीर व्यक्ति बैंक की कतार में नहीं लगा है। कतारों में सिर्फ आम आदमी, मजदूर वर्ग और निर्धन लोग ही दिख रहे हैं। जो कि अपनी दो जून की रोटी के लिए नोट बदलवाना चाहते हैं। देश में अराजकता फैल जाएगी।
मथुरा-वृंदावन विधानसभा से विधायक प्रदीप माथुर ने रविवार को इन शब्दों के साथ नोटबंदी के निर्णय की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आठ नवंबर को पीएम मोदी के नोटबंदी के ऐेलान से पहले ही 2000 का नोट सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हो गया।
जब छह माह से नोट छप रहे थे तो दो माह पूर्व बने आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर कैसे हो गए। जब देश के बाहर से काला धन लाने में नाकामयाब रहे तो देश के आम आदमी को परेशान करना शुरु कर दिया।
बडे़ उद्योगपतियों का लाखों करोड़ों रुपया कर्ज माफ किया जा रहा है। जबकि गरीब आदमी कर्ज के बोझ में दबा जा रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया समेत तमाम लोग मौजूद रहे।