पुलिस के पूछताछ करने पर दोनों आरोपी उग्र हो गए और गाली-गलौज करने लगे। आरोपियों ने फोन करके 5-7 अज्ञात लोगों को और बुला लिया। भीड़ ने उपनिरीक्षक को धक्का देकर गिरा दिया, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की और जान से मारने की धमकी देते हुए भागने का प्रयास किया।
मथुरा के थाना बरसाना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज व मारपीट करने के साथ-साथ खनन के आरोपी को पुलिस ने शनिवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी एक दिन पहले आरोपी को थाने से छुड़ा लाए थे।
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थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 12:10 बजे पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम कमई से वांछित अभियुक्त सूरजपाल (48 वर्ष) पुत्र सुघड़ सिंह को गिरफ्तार किया। बीते दिनों पुलिस को कमई और करहला के बीच स्थित गौशाला के पास जेसीबी से अवैध मिट्टी खनन और ट्रैक्टरों से उसकी ढुलाई की सूचना मिली थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने खनन कार्य रुकवाया और खनन अधिकारी अक्षय कुमार को मौके पर बुलाया। खनन अधिकारी ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में लिप्त एक जेसीबी और चार ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को सीज कर दिया। जब पुलिस बल सीज किए गए वाहनों को लेकर थाने आ रही थी, तभी करहला गौशाला के पास मोटरसाइकिल सवार सूरजपाल और लखन सिंह (निवासी कमई) ने रास्ता रोक लिया। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर दोनों आरोपी उग्र हो गए और गाली-गलौज करने लगे। आरोपियों ने फोन करके 5-7 अज्ञात लोगों को और बुला लिया। इस दौरान भीड़ ने उपनिरीक्षक मदन सिंह को धक्का देकर गिरा दिया, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की और जान से मारने की धमकी देते हुए भागने का प्रयास कर रहे थे, पुलिस बल के पहुंचने पर दोनों को हिरासत में ले लिया।
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पुलिस थाने ले गई और सूचना मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री के भतीजे व प्रतिनिधि नरदेव चौधरी बरसाना थाने पहुंच गए। उन्होंने करीब 30 मिनट तक थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा किया। इसके बाद दोनों आरोपियों को छुड़ाकर ले गए। मामला तूल पकड़ गया तो शनिवार को पुलिस ने सूरजपाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे न्याय हिरासत में जेल भेज दिया।