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प्रशासन की जांच का नतीजा हैजा

Fri, 06 May 2016 11:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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मथुरा में मिडडे मील प्रकरण
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मिड-डे मील में ‘जहरीला’ दूध प्रकरण में प्रशासन की जांच कहती है कि कांशीराम आवासीय कालोनी के वाशिंदों के बीमार होने की वजह हैजा है। अफसरों ने माना मरीजों की संख्या 200 के करीब पहुंच गई है। लेकिन अब हालात नियंत्रण में हैं।  
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गौरतलब है कि डायट परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को बंटे दूध को पीने के बाद कांशीराम कालोनी निवासी दो बच्चों और एक आंगनबाड़ी सहायिका की मौत हो गई थी। 127 (बच्चे और उनके परिवारीजन) से अधिक बीमार हो गए थे। 

शुक्रवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार मरीजों की जांच रिपोर्ट के साथ मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि पीड़ित रोगियों के स्टूल टेस्ट एसएन मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। वहीं नयति हास्पिटल में भी जांच कराई गई है। इन जांचों का निष्कर्ष ये है कि बीमारी की वजह हैजा है। डीएम ने स्वीकारा कि मरीजों की संख्या का आंकड़ा 180 से 200 के बीच है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वो मिड-डे-मील में बांटे गए दूध की जांच रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं। दोषी जो भी होगा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम ने बताया कि शुक्रवार को अस्पतालों के दौरे में एक बात और सामने आई कि कांशीराम आवासीय कालोनी के निकट के गांव औरंगाबाद, मिर्जापुर, कोयला अलीपुर, टाउनशिप आदि क्षेत्र में भी इस प्रकार के मरीज हैं। इस पर चिकित्सकों को इन गांवों में भी मरीजों की जांच कर उपचार और दवाएं देने के निर्देश दिए गए हैं। 

डीएम ने कहा कि मामला गंभीर था लेकिन अब सब कुछ नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि लखनऊ से ऐसे मामलों में निपटने में एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया है। इस अवसर पर एडीएम अजय कुमार अवस्थी, नगर मजिस्ट्रेट राम अरज यादव भी मौजूद रहे।

रोस्टर में लगाई चिकित्सकों की टीम, दिन भर उपचार
मथुरा। कांशीराम आवासीय कालोनी में दूसरे दिन भी मरीजों की हालत सामान्य नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग ने यहां रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों को तैनात किया है। सुबह छह बजे से देर शाम तक मरीजों का उपचार किया जा रहा है। आसपास के गांवों में भ्रमण के लिए चार टीम बनाई गई हैं।

प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सज्जन कुमार ने बताया कांशीराम आवासीय कालोनी में शुक्रवार को 50 से अधिक रोगियों का उपचार किया गया। शुक्रवार से आसपास के गांव बाद, कोयला अलीपुर, औरंगाबाद और दामोदरपुरा में चिकि त्सकों की अलग-अलग टीम भ्रमण करेंगी। गांव में लोगों को जागरूक करने के साथ ही उपचार और दवाएं भी दी जाएंगी। शुक्रवार को कांशीराम आवासीय कालोनी में उपचार करने वाली चिकित्सकों की टीम में डा. मेघश्याम गौतम, डा. रमन, डा. रामवीर, डा. प्रमोद रैकवार आदि थे।

दूसरे दिन भी जिला अस्पताल पहुंचे डीएम
मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार लगातार दूसरे दिन महर्षि दयानंद अस्पताल पहुंचे और यहां भर्ती मरीजों से हालचाल पूछा। तीमारदारों से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। सीएमएस डा. केपी गर्ग ने बताया शुक्रवार को दीक्षा, अमन, अफजल, करन, हेमलता, पिंकी को स्वस्थ्य पर होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।
 
सीएमओ कार्यालय में बनाया कंट्रोल रूम
मथुरा। दूध पीने के बाद दो बच्चों और महिला की मौत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। डिप्टी सीएमओ डा. मुकेश लवानियां ने बताया कंट्रोल रूम में रिजर्व में चिकित्सकों को रखा गया है। जिले में कहीं भी किसी प्रकार की बीमारी पर कोई भी नागरिक 0565-2471914 पर सूचना दे सकता है।
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