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मीटरगेज रेल लाइन के किनारों पर अवैध कब्जे, कैसे दौड़ेगी मेट्रो

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मथुरा। रेलवे लाइन से गुजरती हुई रेल बस। - फोटो : MATHURA
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन के बीच बिछी 11.63 किलोमीटर की मीटरगेज रेलवे लाइन पर मेट्रो चलाने पर मंथन चल रहा है, लेकिन इस लाइन के किनारों पर अवैध कब्जे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना अवैध कब्जे हटाए मेट्रो कैसे दौड़ेगी। अब शासन की सख्ती के बाद रेल महकमे ने सैटेलाइट और ड्रोन कैमरे की मदद से 135 स्थानों पर अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं। पूरी रेल लाइन का नक्शा तैयार किया गया है, जिसे ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। उधर, रेलवे मेट्रो का प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है, जिसके 15 मई तक तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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मथुरा से वृंदावन तक मीटरगेज रेल लाइन पर वर्तमान में रेल बस चलाई जा रही है। दस रुपये किराये में श्रद्धालु मथुरा से वृंदावन जाते हैं। साधु-संतों रेल बस से निशुल्क सफर करते हैं। रेल बस मथुरा जंक्शन से टैंक चौराहा, सौंख अड्डा, अमरनाथ स्कूल, नई बस्ती, जन्मभूमि, गोविंद नगर, मसानी होते हुए वृंदावन पहुंचती है। इस रेल मार्ग पर मेट्रो चलाने को लेकर मंथन चल रहा है।
पिछले दिनों रेलवे और ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों ने बैठक कर मेट्रो चलाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने पर मंथन किया था। इसी दौरान यह तथ्य पर भी चर्चा हुई कि रेल लाइन के किनारों पर अवैध कब्जे हैं। शासन स्तर पर यह मामला पहुंचने के बाद परिषद ने रेलवे से रेल लाइन का नक्शा तैयार करने को कहा। रेलवे ने सैटेलाइट और ड्रोन कैमरों के माध्यम से नक्शा तैयार किया है, जिसमें 135 स्थानों पर अवैध कब्जे मिले हैं। रेलवे के अधिकारियों ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद को नक्शा सौंप दिया है। परिषद के माध्यम से नक्शा शासन को भेजा जाएगा, जिसके बाद अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रेलवे की जमीन पर कहीं पार्किंग तो कहीं गोदाम
मीटरगेज रेल लाइन के किनारों पर जो अवैध कब्जे चिह्नित किए गए हैं, उनमें कुछ जगहों पर लोग पार्किंग चला रहे हैं। कुछ लोगों ने गोदाम तक बना लिए हैं। कैलाश नगर, जन्मभूमि, नई बस्ती और मसानी इलाकों में सबसे ज्यादा अवैध कब्जे हैं। कुछ स्थानों पर पक्के मकान तक लोगों ने बना लिए हैं।
बताया जाता है कि पूर्व में किए गए सर्वे में 75 स्थानों पर अवैध कब्जे थे, जो अब 135 स्थान हो गए। रेल महकमे के ध्यान न देने के कारण लोग लगातार अवैध कब्जे कर रहे हैं। जन्मभूमि के आसपास का इलाका यलो जोन में आता है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा रहती है, लेकिन लोग अवैध कब्जा करने से नहीं चूक रहे।
रेलवे मेट्रो के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। इसी के तहत मथुरा-वृंदावन की मीटरगेज रेल लाइन पर 135 स्थानों पर अवैध कब्जे चिह्नित किए गए हैं। ड्रोन के माध्यम से पूरी लाइन का नक्शा तैयार किया गया है, जिसे ब्रज तीर्थ विकास परिषद को सौंपा है।
- श्याम सिंह, सीनियर सेक्शन आफीसर, रेलवे
मथुरा-वृंदावन के बीच बिछी मीटरगेज रेल लाइन के स्थान पर मेट्रो चलाने के लिए रेलवे प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। 15 मई तक प्रोजेक्ट तैयार होने की उम्मीद है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद रेलवे और सरकार के बीच कोऑर्डिनेशन का कार्य कर रहा है।
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- शैलजाकांत मिश्र, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष
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