वृंदावन। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) की ओर से होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे की जा रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में सोमवार को वृंदावन के दो प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से राहत की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त समय और पूर्व सूचना के की जा रही कार्रवाई से पर्यटन उद्योग और हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल वृंदावन ने आगरा मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप को ज्ञापन देकर मांग की कि पहले से सील किए गए होटल और गेस्ट हाउसों को तत्काल सील मुक्त किया जाए तथा नई सीलिंग कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। संगठन के अध्यक्ष आलोक बंसल ने कहा कि मानकों को पूरा करने के लिए संचालकों को पर्याप्त समय दिया जाए और सिंगल विंडो व्यवस्था के माध्यम से प्रशासन आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराए। होटल और गेस्ट हाउसों के लिए स्पष्ट एवं व्यावहारिक मानक निर्धारित किए जाएं। साथ ही वृंदावन में फायर स्टेशन की स्थापना, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपदा राहत सेवाओं का आधुनिकीकरण, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती तथा बहुमंजिला भवनों में आपदा की स्थिति से निपटने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
संगठन के लक्ष्मीनारायण दीक्षित व आशीष ठाकुर ने सुझाव दिया कि जो गेस्ट हाउस और होटल व्यावहारिक रूप से सभी मानकों को पूरा करने में असमर्थ हैं, उन्हें कमरों की संख्या बढ़ाकर होम-स्टे के रूप में अनुमति दी जाए। वहीं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, वृंदावन ने भी मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर होटल, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस संचालकों के हित में सीलिंग कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। संगठन के नगर अध्यक्ष धनेंद्र अग्रवाल बॉबी ने कहा कि व्यापारी कानून का पालन करना चाहते हैं, लेकिन आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कम से कम तीन माह का समय दिया जाना चाहिए। इस दौरान विजय राघव, गिरधारी शर्मा, शिवा गौतम आदि मौजूद रहे।