मथुरा। हरिद्वार कुंभ से पूर्व वृंदावन में होने वाली कुंभ मेला वैष्णव बैठक को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। अभी तक मुख्य द्वार भी बनकर तैयार नहीं हो सका है। इसके अलावा कुंभ बैठक स्थल पर कार्य आधा अधूरा ही दिखाई दे रहा है। जबकि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने 10 फरवरी तक के लिए अल्टीमेटम दिया था। ऊर्जा मंत्री आज वर्चुअल मीटिंग करके डीएम और मेलाधिकारी से पूरी जानकारी जुटाएंगे।
करीब चार दिन पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कुंभ मेला स्थल का निरीक्षण करने के बाद 10 फरवरी तक मुख्य द्वार समेत पूरा कार्य करने का अल्टीमेटम मेलाधिकारी नागेंद्र प्रताप समेत प्रशासन के अफसरों को दिया था। इसके बाद भी कार्य में तेजी आना तो दूर अभी तक मुख्य द्वार का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि पुलिस विभाग ने अपने कार्यों को अधिकतर पूरा कर लिया है। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री ने बताया कि 10 फरवरी तक कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया था। 10 फरवरी की शाम को डीएम नवनीत सिंह चहल और मेलाधिकारी नागेंद्र प्रताप से वर्चुअल मीटिंग करके पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।
बाबा देवरहा के नाम से हुआ कुंभ द्वार
ब्रह्मर्षि देवरहा बाबा कुंभ बैठक द्वार का नाम नहीं बदला गया। संतों ने इसका विरोध किया था तो मेलाधिकारी ने इसे बदलवा दिया था। एक बार फिर मंगलवार को निर्माणाधीन मुख्य द्वार पर देवरहा बाबा का नाम अंकित मिला। मेलाधिकारी नागेंद्र प्रताप का कहना है कि संतों की सहमति से देवरहा बाबा नाम दिया गया है।