मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र के नटवर नगर की रहने वाली स्नेहा पाठक की शुक्रवार को कानपुर स्थित एक मेडिकल कॉलेज में हार्ट अटैक से मौत हो गई। स्नेहा के दादा सीपी पाठक ने बताया कि 15 दिन पहले वह बीमार हो गए थे। इसकी जानकारी जैसे ही स्नेहा को लगी तो वह कानपुर से घर आईं। उनकी तबीयत ठीक होने के बाद ही वह यहां से चली गईं थीं।
सीपी पाठक ने बताया कि स्नेहा के पिता जयप्रकाश पाठक के दो पुत्रियां हैं। पहली स्नेहा जो कि कानपुर में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर रहीं थीं। छोटी बेटी शालू बीकॉम की पढ़ाई कर रही हैं। जयप्रकाश का मांट-राया रोड पर विद्या सागर एकेडमी नाम से स्कूल है जबकि जय प्रकाश के छोटे भाई विकास पाठक सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि फोन आया था कि स्नेहा की तबीयत खराब है। जानकारी होते ही जय प्रकाश और शालू कानपुर के लिए रवाना हो गए। उनकी जयप्रकाश से बात हुई है, उन्होंने बताया कि बेटी की तबीयत खराब है, लेकिन अभी उसकी स्थिति सही है और इमरजेंसी में भर्ती है।
दादा ने बताया कि वह 2011 में विद्युत निगम से जूनियर इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। मूलरूप से बाजना के रहने वाले हैं, जबकि पिछले 40 साल से नटवर नगर में मकान बनाकर रह रहे हैं। पड़ोसी ज्ञानी पंडित ने बताया कि स्नेहा काफी हेल्दी थीं। पढ़ने में काफी होशियार होने के कारण 26 साल की उम्र में चिकित्सक बन गईं।
नटवर नगर मथुरा निवासी स्नेहा पाठक (26) शिशु वार्ड में इंटर्न कर रही थी। शुक्रवार दोपहर बाद वह पीडियाट्रिक विभाग में भर्ती बच्चों का इलाज कराने तीमारदारों को आवाज देने के लिए वार्ड के बाहर आई थी। तभी वह अचानक बेहोश होकर नर्सिंग स्टेशन पर गिर गई। आनन फानन स्टाफ उसे आईसीयू वार्ड ले गया। यहां ईसीजी के बाद स्नेहा को मृत घोषित कर दिया गया।
हेड इंजरी या हार्ट अटैक हो सकती है वजह
संस्थान के मेडिकल कॉलेज डीन ब्रजेंद्र निगम ने बताया कि स्नेहा पाठक 2019 बैच की छात्रा थी। कॉलेज हॉस्टल में रहकर शिशु वार्ड में इंटर्न कर रही थी और दो महीने उसे डिग्री मिलने वाली थी। मौत की वजह हेड इंजरी या हार्ट अटैक हो सकती है। मामले की जांच की जा रही है।