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UP: बांके बिहारी मंदिर को मिला एफसीआरए लाइसेंस, जानें क्यों था जरूरी...क्या होगा इससे फायदा

Sat, 25 Jan 2025 12:15 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर को केंद्र सरकार ने एफसीआरए लाइसेंस दे दिया है। इसके बाद अब विदेशी भक्त मंदिर में खुलकर दान दे सकेंगे। मंदिर के संचालन के लिए कोर्ट द्वारा गठित प्रबंधन समिति ने इस लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था। कोर्ट की मंजूरी के बाद इस आवेदन की प्रक्रिया पूरी की गई।
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श्री बांके बिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत लाइसेंस दिया गया है, ताकि वह विदेशों से धन प्राप्त कर सकें। इस लाइसेंस के मिलने के बाद अब विदेशी भक्त मंदिर में खुलकर दान दे सकेंगे। मंदिर के संचालन के लिए कोर्ट द्वारा गठित प्रबंधन समिति ने इस लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था। कोर्ट की मंजूरी के बाद इस आवेदन की प्रक्रिया पूरी की गई।
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मंदिर का प्रबंधन वर्तमान में न्यायालय द्वारा किया जाता है, जिसने एक प्रबंधन समिति गठित की है। सूत्रों ने बताया कि वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत लाइसेंस दिया गया है।

 

वर्तमान प्रबंधन समिति ने एफसीआरए लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। मंदिर का प्रबंधन पहले पुजारियों के एक परिवार द्वारा किया जाता था और पहले यह निजी प्रबंधन के अधीन था। गृह मंत्रालय ने आवेदन और अदालत की मंजूरी के बाद पूरी प्रक्रिया कराई, जिसके बाद एफसीआरए के तहत विदेशी धन प्राप्त करने का लाइसेंस दिया है।

 
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सूत्रों ने बताया कि आवेदन के अनुसार, मंदिर को अपने खजाने में बहुत सारी विदेशी मुद्राएं प्राप्त हुईं और वह विदेशों से दान स्वीकार करने का भी इरादा रखते हैं। कानून के अनुसार, विदेशी योगदान प्राप्त करने वाले सभी गैर सरकारी संगठनों को एफसीआरए के तहत पंजीकृत होना पड़ता है।

 
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