मथुरा के फरह स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के दौरान महिला के तीमारदार से प्रसूता को दर्द का इंजेक्शन लगाने के नाम पर स्टाफ नर्स द्वारा रुपये मांगने का मामला प्रकाश में आया है। तीमारदार ने डीएम से इसकी शिकायत की है।
नौ अगस्त को गर्भवती मीना देवी पत्नी प्रदेश दीक्षित निवासी खेरिया को प्रसव के लिए सीएचसी फरह पर भर्ती कराया गया था। आरोप है कि गर्भवती महिला प्रसव कक्ष में दो घंटे तक दर्द से कराहती रही। उसे चिकित्सकों ने उपचार तो दूर, उसे देखना तक उचित नहीं समझा।
रुपये न देने पर महिला को अस्पताल से निकाला
पति ने इसकी जानकारी चिकित्सा अधीक्षक रामवीर सिंह को दी। उन्होंने अनसुना कर दिया। आरोप है स्टाफ नर्स कल्पना ने दो हजार रुपये इंजेक्शन के लिए मांगे। रुपये न देने पर गर्भवती महिला को अस्पताल से निकाल दिया। इसके बाद तीमारदारों ने निजी अस्पताल में महिला की डिलीवरी कराई। महिला के पति ने डीएम नवनीत सिंह चहल को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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महिला के पति ने बताया कि सरकारी अस्पताल में उपचार के नाम पर रुपये मांगे जा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर रात में चिकित्सक नहीं रहते हैं। कई चिकित्सक तक तो पड़ोसी जनपदों से आकर डॺूटी कर रहे हैं।
फरह स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक रामवीर सिंह ने बताया कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। टीकाकरण के दौरे पर था। इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।