रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत निशुल्क चावल का वितरण मथुरा जिले में शुरू नहीं हो सका। आठ अगस्त से निशुल्क चावल वितरण की यह प्रक्रिया एफसीआई गोदाम से सीधे दुकान तक राशन पहुंचाने की योजना में उलझ गई है। इसके साथ ही चावल की उपलब्धता पर भी संकट बनी हुआ है। इस स्थिति को देख अब जिलापूर्ति विभाग राशन के चावल को जल्द दुकानों तक पहुंचाने की कोशिश में जुट गया है।
जिले में जून माह के द्वितीय चरण के खाद्यान्न का वितरण आठ अगस्त से शुरू होना था। यह वितरण 18 अगस्त तक पूरा किया जाना है। जनपद में 4.71 लाख कार्ड धारक सरकार की इस योजना का लाभ लेते हैं। लेकिन आठ अगस्त से शुरू होने वाले इस खाद्यान्न वितरण के लिए अभी चावल सरकारी गल्ले की दुकानों तक पहुंचा नहीं है।
निर्धारित रूट से दुकानों पर पहुंचता है खाद्यान्न
दरअसल, सरकार ने एफसीआई गोदाम से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया बदल दी है। इसमें अब यह कार्य दुकानदारों हटाकर सरकार खुद कर रही है। इसके लिए जीपीएस सिस्टम से जुडे़ ट्रक खाद्यान्न लेकर निर्धारित रूट से दुकान तक पहुंचते हैं। इस योजना की नई शुरुआत के चलते अब तक राशन जनपद में सभी दुकानों तक नहीं पहुंच सका है।
जिला पूर्ति अधिकारी सतीश मिश्रा ने बताया कि राशन पहुंचाने का काम नए सिस्टम के तहत हो रहा है। शुरुआत है, इसलिए कुछ समस्याएं आ रही हैं। राशन की उपलब्धता भी देरी से होने के कारण जनपद की सभी दुकानों पर चावल का वितरण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीण अंचल की 140 दुकान और शहर की 44 दुकानों पर राशन पहुंचाया जा चुका है। इन दुकानों पर राशन वितरण शुरू करा दिया है। 18 अगस्त तक राशन का वितरण किया जाना है।