मथुरा। पांच साल पहले जवाहर बाग को उपद्रवियों से कब्जामुक्त कराते हुए शहीद हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पांचवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को उनकी धर्मपत्नी अर्चना द्विवेदी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि हमें योगी सरकार से न्याय की उम्मीद थी लेकिन नहीं मिला। नम आंखें और रूंधे गले से कहा कि कि आखिरकार आज तक स्मारक और शहीदों की प्रतिमा क्यों स्थापित नहीं हो पाई हैं। अगर सरकार नहीं कर सकती तो उन्हें स्थल में जगह सौंप दी जाए, वह खुद उस पर स्मारक बना लेंगी।
नोएडा प्राधिकरण की ओएसडी अर्चना द्विवेदी अपने भाई विनोद कुमार पांडेय और बहनोई सतीश कुमार पांडेय के साथ जवाहर बाग पहुंचीं। यहां पर उन्होंने मुकुल द्विवेदी नवग्रह वाटिका पर तस्वीर के सम्मुख पुष्प अर्पित किए। इस बीच वह उस स्थल पर भी गईं, जहां उनके पति तत्कालीन एसपी सिटी की शहादत हुई थी। साथ ही नक्षत्र वाटिका में उन्होंने शहीद तत्कालीन एचएसओ संतोष यादव को पुष्प अर्पित किए।
मीडिया से बातचीत में अर्चना ने कहा कि राज्य सरकार ने आज तक इस बाग में न तो उनके पति की प्रतिमा लगाई और न ही मुख्य गेट पर नाम तक लिखा है। सीबीआई जांच में भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। डीएम नवनीत सिंह चहल और एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर से मिलकर उन्होंने पत्र सौंपकर जवाहर बाग में शहीद स्थल के रखरखाव की जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताई। इस मौके पर स्पेशल डीजीसी (पॉक्सो) अल्का उपमन्यु, ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट और उपजा के महासचिव पवन नवरत्न ने भी पुष्प अर्पित करके श्रद्धासुमन अर्पित किए।