प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि यह डेढ़ सौ साल पुरानी ऐतिहासिक रेल लाइन है, जिसे कुछ लोगों के बहकावे में आकर रद्द करवा दिया गया। उनका आरोप है कि इस फैसले से वृंदावन की एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान मिटा दी गई है।
रविवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने रंगनाथ मंदिर के सिंह द्वार से नगर निगम चौराहा तक पैदल मार्च निकाला। उनके हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर रेल लाइन बहाली की मांगें लिखी थीं। लोगों ने रेलवे स्टेशन पर दोबारा रिजर्वेशन काउंटर और रेल सेवा शुरू करने की मांग की। वृंदावन के संत मधु मंगल शरण ने कहा कि रेल मंत्रालय ने जो किया है वो ठीक नहीं है।
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