मथुरा। सांसद हेमा मालिनी ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया है कि वे विदेशी मेडिकल स्नातकों को मंजूरी की औपचारिकताओं में जाए बिना कोविड रोगियों का इलाज करने की अनुमति दें। उन्होंने कहा, यह राज्य और देश में कोविड-19 के मामलों के अभूतपूर्व उछाल से निपटने के लिए आवश्यक है।
हेमा मालिनी ने कहा कि कई विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट कोविड वार्ड में काम करना चाहते हैं और महामारी के दौरान वे बहुत मददगार हो सकते हैं। यूपी के सीएम को लिखे अपने पत्र में सांसद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश भर में प्रचलित कोविड को देखते हुए डॉक्टरों की सख्त जरूरत है। अनुरोध है कि आप उन्हें काम करने दें क्योंकि ऐसे मेडिकल डिग्रीधारक स्नातक लगभग हर जिले में बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं।
मालूम हो कि विदेशी डिग्रीधारक मेडिकल छात्र सोशल मीडिया पर एक अभियान चला रहे हैं और राजनेताओं से सरकार के लिए आवाज उठाने के लिए संपर्क कर रहे हैं। आईएफएमएस वेलफेयर एमसीआई गुरुकुल ट्रस्ट ने भी भारत सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि आईएफएमएस महामारी के दौरान एक साल तक मुफ्त में अपनी सेवाएं देगा, जिससे देश को करीब 4,500 करोड़ रुपये की बचत होगी। उनके समर्थन में अब तक लगभग 100 सांसद, विधायक व मंत्रियों ने भारत सरकार को पत्र लिखा है।