मथुरा। जो विद्यालय छात्रवृत्ति घोटाले में लिप्त हैं, उनके खिलाफ विभाग द्वारा एफआईआर तक दर्ज की जा चुकी है। वह शिक्षण संस्थाएं भी बिना किसी जांच को पूर्ण हुए इस दफा भी छात्रवृत्ति की लाइन में लगी हैं। इतना नहीं इन्हीं शिक्षण संस्थाओं के संचालकों द्वारा इस दफा दबाव में लेकर छात्रवृत्ति जारी करवाने का प्रयास किया जा रहा है। इनके द्वारा प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से समाज कल्याण विभाग के बाबू और अधिकारियों को फिर धमकाया भी जा रहा है। इससे पहले भी धमकियां दी जा चुकी हैं।
छात्रवृत्ति घोटाले में 23 करोड़ से अधिक की धनराशि छात्रों के नाम पर निकाली गई और लिप्त शिक्षण संस्थाएं उस राशि को डकार गईं। समाज कल्याण विभाग ने दो बाबुओं सहित समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी को निलंबित किया। इनके सहित पूर्व में रह चुके समाज कल्याण अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट तक दर्ज कराई। इन सबके बावजूद शासन ने आरोपी शिक्षण संस्थाओं पर कोई लगाम नहीं लगाई। जिसके चलते अगले सत्र 2021-22 की छात्रवृत्ति पाने की लाइन में वह शिक्षण संस्थाएं फिर से लग गईं और एक ही बिल्डिंग में 10-12 शिक्षण संस्थाएं चलाकर छात्रवृत्ति हड़पने वाली इन शिक्षण संस्थाओं द्वारा फिर से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया गया है। समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर ने बताया कि वह इस संबंध में जल्द ही एसएसपी से मिलकर सारी जानकारी देंगे।