मथुरा। हाईवे थाना क्षेत्र की कृष्ण धाम कॉलोनी में रविवार को डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक लाख के इनामी डकैत असद उर्फ फाती का एनकाउंटर कर दिया था। इनामी के ऊपर 36 मुकदमे दर्ज थे। इस मामले की विवेचना मथुरा पुलिस नहीं करेगी। मुठभेड़ की विवेचना कौन सा जनपद करेगा इसका फैसला आईजी आगरा जोन करेंगे।
डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि मुठभेड़ का नेतृत्व उन्होंने स्वयं किया था। पुलिस नियमावली के अनुसार जिले का पुलिस कप्तान यदि किसी मुठभेड़ का नेतृत्व करता है तो उसकी विवेचना किसी अन्य जनपद की पुलिस से कराई जाती है। इसका कारण केवल निष्पक्ष विवेचना करना ही होता है। ऐसे मामलों में मृतक के परिजन पुलिस पर हमेशा आरोप लगाते हैं। विवेचना कौन से जनपद की पुलिस करेगी इसका फैसला आईजी जोन करते हैं। मंगलवार को मथुरा पुलिस ने इसके लिए कार्यालय आईजी आगरा जोन को पत्र भेज दिया है। जल्द ही विवेचना के लिए जिला और विवेचक का नाम तय होने की उम्मीद है।
2017 से पहले के लिए रजिस्टर खंगाल रही पुलिस
मुठभेड़ में ढेर हुए असद उर्फ फाती के आपराधिक इतिहास की जानकारी करने में पुलिस जुटी हुई है। लेकिन पुलिस को 2017 से पहले का आपराधिक इतिहास आसानी से नहीं मिल रहा है। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि पुलिस विभाग में 2017 के बाद के सभी रिकॉर्ड कंप्यूटर में फीड हैं। इससे पहले का रिकॉर्ड अब भी रजिस्टर में ही है। इसीलिए पुराने रजिस्टरों में असद उर्फ फाती का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। एक टीम को इस कार्य में लगाया गया है। इसके साथ ही जिन जिलों में अभी तक उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं, वहां भी पत्र भेजा जा रहा है।