एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि पहचान एप में लूट, चोरी, नकबजनी, गोवध, जुआ, अवैध शस्त्र, शराब, मारपीट, अपहरण, हत्या, हत्या का प्रयास आदि अपराध करने वालों के फिंगर प्रिंट लिए जा रहे हैं। साथ ही उनका सत्यापन भी किया जा रहा है। एनएएफआईएस के माध्यम से अपराध करने के बाद अपराधी बच नहीं पाएगा।
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वारदात स्थल से फोरेंसिक टीम साक्ष्य एकत्रित करती है। यहां उन्हें फिंगर प्रिंट आदि मिलते हैं, लेकिन अभी तक अपराधी को पकड़ने के बाद ही उनके फिंगर प्रिंट का मिलान होता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अपराध होने के बाद मौके से मिले फिंगर प्रिंट को एनएएफआईएस की मदद से मिलान करके जल्द ही अपराधी की गिरफ्तारी हो जाएगी और मामले का खुलासा होगा। एनएएफआईएस में जिले के अलावा पूरे प्रदेश के अपराधियों के फिंगर प्रिंट मौजूद होंगे। इससे दूसरे जनपद में अपराध करने वाले अपराधी भी बच नहीं पाएंगे।
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सीओ क्राइम अनिल कपरवान ने बताया कि बुधवार को पुलिस लाइन में 852 अपराधियों के फिंगर प्रिंट लिए गए और पहचान एप पर 11005 अपराधियों का सत्यापन किया गया है। सभी थाना प्रभारियों को अपने अपने यहां के अपराधियों को नोटिस जारी कर पुलिस लाइन भेजने को कहा है। ताकि किसी भी थाना क्षेत्र का अपराधी फिंगर प्रिंट देने से बच न सके।