टैंटीगांव (मथुरा)। एक सप्ताह से हो रही बारिश से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा धान व अन्य फसलें पानी में डूब गई हैं। खेतों में दो-दो फीट पानी भरा है।
बारिश से मेंहदीपुर, खायरा, बेरा, जरारा, लोहई, भालई, महमूदगढ़ी, कराहरी, ढोकलावास, बृर्जी नगरिया, वीरबला, हरनौल, टैंटीगांव हरनौल आदि गांवों में धान, तिल, अरहर, बाजरा आदि की फसलों को नुकसान हुआ है। रवेंद्र सिंह, तीर्थपाल सिंह, रोतान, धर्मपाल, दाऊजी, प्रेमपाल, कप्तान, नेमपाल, श्याम सुंदर शर्मा, उत्तम सिंह, नारायनी देवी, बाबू, हरिओम शर्मा, डिग्गो, कमल सिंह, जयपाल, रामवीर, सोमदत्त, मोहन लाल, महेंद्र, नक्कू, गौरीशंकर, सतीश, श्याम, भबी चंद, लच्छो, बनवारी आदि ने डीएम से फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
फसल सर्वे में कोताही बरती तो होगी कार्रवाई: नरदेव
प्रदेश के पशुधन दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग के मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने पिछले दिनों हुई बारिश से नष्ट हुई धान की फसलों का रविवार को जायजा लिया। फसलों में शत प्रतिशत नुकसान मिला है। इसके बाद उन्होंने तहसील प्रशासन को जल्द ही सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा है। सर्वे में कोताही व मनमानी बरतने पर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी।
चौधरी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ गांवों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के बाद धान की फसल शतप्रतिशत नष्ट हो गई है। कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि ने कहा कि अगर इसमें कोई लेखपाल एवं संबंधित अधिकारी कोताही या किसानों को परेशान करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के बाद किसानों को जल्द से जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।