मथुरा। खून पसीना एक करके गेहूं उगाने वाले किसान की सरकारी रेट पर गेहूं बेचने में आ रहीं मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रहीं। एफसीआई के अधिकारियों की मनमानी के चलते क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद रुकी है। एफसीआई पहले से खरीदे गए गेहूं के लिए एसडब्लूसी गोदाम में रखने के लिए जगह नहीं ली जा रही है। इसके चलते गेहूं लदे ट्रकों की लाइन लगी है और क्रय केंद्रों से खरीदा गेहूं नहीं उठ पा रहा।
जनपद के 85 क्रय केंद्रों से लगातार किसानों से सरकारी रेट पर गेहूं की खरीद हो रही है, जो कि पिछले वर्ष के रिकॉर्ड से काफी अधिक है। खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी एफसीआई की है। एफसीआई ने खाद्यान्न को एसडब्लूसी महोली रोड गोदाम में रखवाया जाता है, परंतु अबकी बार निर्धारित स्थान कम पड़ गया है। एसडब्लूसी के गोदाम में 2 लाख 60 हजार क्विंटल गेहूं रखा जा सकता है। वर्तमान में छह लाख क्विंटल से अधिक की खरीद हो गई है।
पत्र-मौखिक रूप से कह चुके हैं अधिकारी
एसडब्लूसी के गोदाम में जगह बढ़ाने की जिम्मेदारी एफसीआई के अधिकारियों की है। एसडब्लूसी के गोदाम निरीक्षक प्रवीण गौड़ ने बताया कि एफसीआई ने उनसे गेहूं के लिए जगह ही नहीं मांगी है। खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश्वर सिंह ने बताया कि उन्होंने खरीदे हुए गेहूं के लिए और स्थान लेने के लिए भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिखा है। स्थान न होने से गेहूं लदे ट्रक खड़े हुए हैं और क्रय खरीदना लगभग रुक गया है।
जब तक डीएम-एडीएम नहीं कहेंगे हम स्पेस नहीं लेंगे
जब कभी भी स्पेस की समस्या होगी तो मेरे पास डीएम-एडीएम सूचित करेंगे। जब तक वह नहीं कहेंगे हम अतिरिक्त स्पेस नहीं लेंगे। स्पेस लेते ही किराया चालू हो जाता है। यह पब्लिक का फंड है। हमारे पास में पांच हजार की क्षमता का अतिरिक्त गोदाम है। आवश्यकता होगी तो उसका प्रयोग किया जाएगा।
-आरबी मीना एरिया मैनेजर एफसीआई