मथुरा। 1200 से अधिक मतदान केंद्र और बूथों में से अधिकतर पर बिजली के कनेक्शन अधूरे हैं तो कहीं पर शौचालयों में पानी पहुंचने की व्यवस्था तक नहीं है। जिसके चलते शौचालय गंदे पड़े हैं। नामांकन से एक दिन पूर्व तक इन मतदान केंद्र और बूथों को दुरुस्त करने का काम चलता रहा है। इधर, सेक्टर मजिस्ट्रेट बने अधिकारियों ने डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। डीएम ने व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। दरअसल, कोरोना के कारण पिछले एक साल से स्कूलों में ताला लगा रहा, जिसके कारण प्रशासन को व्यवस्थाएं करने में दिक्कत हो रही है।
29 अप्रैल को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदान तिथि है। इसके लिए शनिवार को नामांकन भरने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी लेकिन इससे पूर्व बहुत से बूथ ऐसे हैं जहां पर बिजली व पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट ने तीन-चार दिन पूर्व इन बूथों का निरीक्षण किया था और बिजली पानी की व्यवस्थाओं के लिए संबंधित अधिकारियों से कहा है।
चौकी जैंत क्षेत्र के गांव जिखिन गांव में शौचालयों तक पानी पहुंचने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं तो उस्फार में भी कई स्कूलों में बिजली और पानी की स्थिति खराब है। इसी प्रकार से प्राथमिक विद्यालय ऊमरी बबूरी आदि विद्यालयों में गंदगी बनी हुई है। मखदूम में पानी और गंदगी, मखदूम फरह में सबमर्सिबल तो लगा है लेकिन वह चालू नहीं हो पाता है। जिसके चलते वहां पर शौचालयों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
यही हाल लगभग चुरमुरा और शहजादपुर के मतदान केंद्रों का भी है। जलालपुर में पीने के पानी की परेशानी है। इस संबंध में छाता एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
अधिकारी भी कोरोना की चपेट में
कोरोना के नए रूप ने उन अधिकारियों को भी अपने जाल में फंसा लिया है जोकि कोविड के नियमों का पूरी तरह से पालन कर रहे थे। एडीएम स्तर के दो अधिकारी तथा मजिस्ट्रेट स्तर के कई अधिकारियों को भी कोरोना हो गया है। जिसके चलते यह अधिकारी घर पर ही मौजूद रहकर पंचायत चुनाव का कामकाज देख रहे हैं।