मथुरा। कान्हा की नगरी में रविवार को कोरोना गाइडलाइन का ध्यान रखते हुए हिंदू हृदय सम्राट व वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की छावनी क्षेत्र अंतर्गत प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर 481वीं जयंती मनाई गई। ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा के अध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने महामानव महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराणा प्रताप जैसा पराक्रमी योद्धा इस धरती पर दोबारा नहीं जन्मा है। उन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपना राजपाट छोड़ दिया और जंगलों में जाकर घास की रोटियां तक खाई हैं। आज भी हल्दीघाटी में मिट्टी का रंग लाल है, जो उस समय हमारे पूर्वजों ने बलिदान देकर इस मातृभूमि की रक्षा की है।
क्षत्रिय राजपूत वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष करन ठाकुर ने बताया कि लॉकडाउन के चलते पिछले दो वर्ष से हम महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा नहीं निकाल पा रहे हैं। कोविड-19 की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए हमने सभी युवाओं को घरों में रहकर ही महाराणा प्रताप की जयंती मनाने को कहा है। कार्यक्रम का आयोजन क्षत्रिय राजपूत वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले किया गया है। इस मौके जगन्नाथ सिंह तरकर, तेजवीर सिंह, राहुल ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, अवी ठाकुर, गजेंद्र ठाकुर, मोहित भाटी, खजान सिंह चौहान मौजूद रहे।