मथुरा, आगरा के आईटीआई संस्थानों में अनुदेशक (शिक्षक) पढ़ाने के बजाए राजनीति में अधिक रुचि रखते हैं। गुरुवार को यहां मथुरा मार्ग स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे राज्य शिशिक्षु परिषद के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री नित्यानंद शर्मा ने ये बात कही।
मीडिया से मुखातिब नित्यानंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश के 60 जिलों में आईटीआई के निरीक्षण में उन्नाव, आगरा और मथुरा में आईटीआई संस्थानों में राजनीति के हावी होने की बात सामने आई है। मथुरा आईटीआई संस्थान में 5 शिक्षक राजनीति करते पाए गए हैं। जिन्हें शीघ्र ही जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आईटीआई संस्थानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में बहुत उल्लेखनीय कार्य किया है। पहले 65 हजार सीटें आईटीआई में थीं। इनमें 16 हजार सीटें और बढ़ाई गई हैं। प्रदेश में अब सेमेस्टर एग्जाम प्रणाली शुरू कर दी गई है।
आईटीआई संस्थानों में उपकरण, मशीनों के रखरखाव के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यमंत्री ने बताया कि मथुरा आईटीआई के जीर्णोद्धार के लिए इस वर्ष बजट में 2.5 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
इसके बाद राज्यमंत्री नित्यानंद शर्मा ने कक्षाओं में निरीक्षण किया। विद्यार्थियों के इलेक्ट्रानिक और इलेक्ट्रीकल्स के बीच अंतर न बताए जाने पर उन्होंने रोष जताया। कहा कि मथुरा आईटीआई संस्थान में शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है। विद्यार्थियों को सही ढंग से रोजगारपरक शिक्षा नहीं दी जा रही है।
यह निराशाजनक है। छात्र कृष्णकांत शर्मा ने सवाल का सही उत्तर दिया तो मंत्री ने उसकी पीठ थपथपाई। उन्होंने बताया कि आईटीआई में 750 विद्यार्थियों को एपरेंटिस कोर्स कराने का लक्ष्य रखा गया था। 650 छात्रों ने कोर्स पूरा कर लिया है। इनमें से अधिकांश युवाओं को नौकरी भी मिल गई है। इस मौके पर संस्थान के प्राचार्य एससी शर्मा, सुनील यादव आदि उपस्थित रहे।