मथुरा/नौहझील। 50 मिनट तक घर में घुसकर बेखौफ होकर बदमाश वारदात को अंजाम देते रहे और पड़ोसियों को पता तक नहीं चला। बदमाशों ने घर की लाइटें खोलने के बाद लूटपाट की वारदात की। पांच फीट की दीवार को फांदकर पीछे से घर में घुसे। बदमाशों ने दरवाजे की कुंडी भी खोल ली। बदमाशों को यह भी पता था कि मेवा व्यापारी के घर में सीसीटीवी भी है, वह भी खराब हैं।
दो बदमाश लूटपाट करने में मशगूल रहे, वहीं एक मेवा व्यापारी पर तमंचा तानकर खड़ा रहा। नकदी लूटने के बाद बदमाशों ने मां, पत्नी और बहन से जेवरात लूटे। उसके बाद बदमाश इत्मीनान से घर से निकलकर बाहर आ गए। गली के नुक्कड़ पर लगे नल से चारों बदमाशों ने पानी पीया। उसके बाद मथुरा रोड पर पैदल-पैदल चारों बदमाश भाग खड़े हुए। मेवा व्यापारी ने पुलिस को छह घंटे बाद सूचना दी। अगर मेवा व्यापारी पुलिस को समय पर सूचना दे देता तो संभवत: पुलिस इन बदमाशों को पकड़ लेती या फिर इनकी तलाश तो शुरू कर देती। छह घंटे बाद सूचना देना भी पुलिस के गले नहीं उतर रहा।
अंकलजी, आंटीजी और ताईजी कहकर बुला रहे थे बदमाश
तीन बदमाशों ने चेहरे पर काला कपड़े का नकाब लगाकर रखा था तो चौथे बदमाश ने हेलमेट पहन रखा था। चारों बदमाश मेवा व्यापारी को अंकलजी, बहन और पत्नी को आंटीजी एवं मां को ताईजी कहकर बोल रहे थे। चारों बदमाशों की भाषा देहाती थी, पर उसे छुपाने के लिए बनावटी भाषा का प्रयोग कर रहे थे। मेवा व्यापारी ने बताया कि चारों बदमाश पूछ रहे थे घर का मुखिया कौन हैं और पैसा कहां पड़ा है। अब सवाल खड़ा होता है कि वास्तव में बदमाश मुखिया का नहीं जानते थे या फिर वह अपने का अनजान सिद्व करने में जुटे हुए थे। संभावना है कि बदमाश मेवा व्यापारी परिवार को पहले से ही जानते हैं।
फर्नीचर की दुकान के नौकरों से पूछताछ
नौहझील पुलिस ने गोपाल फर्नीचर वाले के चार नौकरों को पूछताछ के लिए बुलाया है। इनकी उम्र 20 से 25 की है। यही उम्र बदमाशों की बताई जा रही है। प्रभारी निरीक्षक लोकेश भाटी ने बताया कि जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।
यह लूट ले गए बदमाश
- मां राधा अग्रवाल से तीन सोने की चूड़ी, दो टॉप्स, एक अंगूठी, पत्नी नीतू अग्रवाल से सोने की चार चूड़ी, दो टॉप्स, बहन सीमा अग्रवाल से एक अंगूठी, दो टॉप्स व तीन लाख रुपये की नकदी।
खुलासे के लिए तीन टीमें लगाई गईं हैं। जल्द ही लूट का खुलासा करके बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। करीब पांच लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है।
-डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसएसपी