मथुरा। राजस्थान के दौसा में महिला चिकित्सक डॉ. अर्चना शर्मा द्वारा की गई आत्महत्या को लेकर बृहस्पतिवार को जनपद के निजी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इस दौरान प्राईवेट डॉक्टरों ने कोई मरीज नहीं देखा। आपातकाल सेवाएं भी बंद रखकर विरोध दर्ज किया गया।
डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज इधर-उधर भटकते देखे गए। इधर, मथुरा आईएमए ने स्थानीय होटल में बैठक कर मृतका की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। आईएमए के पदाधिकारियों ने एसएसपी से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की है।
आयोजित सभा में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. संजय गुप्ता एवं सचिव डॉ. प्रवीण गोयल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व केंद्रीय आईएमए से मांग की गई कि दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा न जाए और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की अनदेखी कर एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी डॉक्टर को बिना जांच दोषी न ठहराया जा सके। आईएम के उपाध्यक्ष डॉ. गौरव भारद्वाज ने कहा कि अगर इस प्रकार की घटनाएं होती रहेंगी तो डॉक्टर मरीजों का कैसे इलाज कर सकेंगे।
सभा में डॉ. अल्पना अग्रवाल, डॉ. गीता मेहता, डॉ. वीना उप्पल, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. आरती गुप्ता, डॉ. दीपशिखा इंजीनियर, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. एसके वर्मन, डॉ. प्रकाश अग्रवाल, डॉ. डीपी गोयल, डॉ. अवधेश अग्रवाल, डॉ. राकेश मेहता, डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. पवन अग्रवाल, डॉ. नागेंद्र गौड़ आदि मौजूद रहे।