टाउनशिप (मथुरा)। ढप बाजौ रे छैल मतवारे कौ.....आदि रसियों के साथ शुक्रवार को श्रीहित हरिवंश महाप्रभु की प्राकट्य स्थली श्रीजी मंदिर गांव बाद में बड़ा रासमंडल के महंत लाड़िली शरण महाराज के सानिध्य में हुरंगा का आयोजन किया गया।
सुबह से ही श्रीकृष्ण वट पर होरी की धमार एवं तारा महल में वृंदावन से आए समाजियों द्वारा समाज व बधाई गायन के साथ सखियों ने अष्ट सखियों के समक्ष अपने आराध्य को रिझाने के लिए मनमोहक नृत्य किया। महंत लाड़िली शरण ने कहा कि ब्रज में वसंत पंचमी से शुरू होने वाले 40 दिवसीय फाग महोत्सव का विश्राम ब्रज की होली एवं हुरंगा के साथ रंग पंचमी को किया जाता है। महाप्रभु जी की जन्मभूमि (श्रीजी मंदिर) के महंत दंपति शरण महाराज ने कहा कि प्राचीन हुरंगा के दिन महाप्रभु जी की जन्मभूमि में श्रीकृष्ण वट पर होरी की धमार होती है।
वृंदावन से आए समाजियों द्वारा समाज गायन, बधाई गायन के पदों के साथ हरिनाम संकीर्तन में श्रद्धालु झूमते हुए हुरंगा का आनंद लिया। हुरंगे में हुरियारिनों ने हुरियारों पर लाठियां बरसाईं। इस मौके पर महंत हरिशंकर दास, महंत फूलडोल दास, महंत रामस्वरूप दास, पुरुषोत्तम दास, नागरी दास, राधाबल्लभ, ब्रजेश पुजारी, नारायण पुजारी, खेलन मुखिया, राधाबल्लभ पंडित, मदन पंडित, बालो भगत, बिहारी सिंह, कल्याण लंबरदार, बालो पंडित, मीडिया प्रभारी दिनेश सिंह तरकर, व्यास नंदन आदि मौजूद थे।