मथुरा। अदालत में एक दफा फिर से सन् 1670 में ध्वस्त किए गए श्रीकृष्ण मंदिर की मूर्तियों को आगरा फोर्ट की मस्जिद से निकलवाने की मांग की है। यह मांग श्रीकृष्ण विराजमान के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन को लेकर किए गए दावे के वादी शैलेंद्र सिंह व अन्य ने की है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में कहा है कि इतिहासकारों का मानना है कि केशव राय निवासी लला कटरा मथुरा द्वारा 33 लाख रुपये की लागत से बनवाए गए भव्य मंदिर को औरंगजेब ने जनवरी 1670 में ध्वस्त करा दिया था और मंदिर की प्रतिमाओं को मंदिर से निकाल कर छोटी मस्जिद दीवाने खास जामा मस्जिद आगरा फोर्ट में दफना दी थीं। जिससे उस पर पैर रखकर मुसलमान चढ़कर जाएं और दुआ मांग सकें।
वादी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अदालत से मांग की है कि डायरेक्टर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को वैज्ञानिक अन्वेषण करके प्रतिमाओं का उत्खनन कर उन्हें पुन: स्थापित करने का आदेश दिया जाए। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 10 मई तय की है।