मथुरा। 18 से 45 वर्ष के वयस्कों को वैक्सीन लगवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। एक मई से शुरू हुआ वयस्कों का टीकाकरण व्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रहा है। एक मई से रजिस्ट्रेशन तो शुरू हो गए, लेकिन कुछ दिन बाद ही कोविन पोर्टल क्रैश हो गया। कुछ लोग रजिस्ट्रेशन कराने में सफल रहे लेकिन लोग स्लॉट के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कोविन पोर्टल पर बुकिंग स्लॉट तो दिख रहा है, लेकिन लॉगिन करके बुकिंग करने पर सारे स्लॉट गायब हो जा रहे हैं। किसी का ओटीपी नहीं आ रहा है तो किसी को स्लॉट नहीं मिल रहा। कोविन पोर्टल पर कोई ओटीपी के लिए परेशान हैं तो कोई स्लॉट के लिए है। गुंजन शर्मा ने बताया कि वह भी परेशान हैं। कोविन पोर्टल के लिए भी एक हेल्पलाइन नंबर 1075 जारी किया है। इस नंबर पर कॉल लगता ही नहीं है।
वैक्सीन डोज बचाने का आरोप
एक ओर लोगों के सामने कोरोना की दूसरी और पहली डोज लगवाने की समस्या खड़ी हो गई है। आरोप है कि कुछ रुपयों की लालच में यह कर्मचारी लोगों के घरों पर जाकर पहली और दूसरी डोज लगा रहे हैं। आखिर इनके पास वैक्सीन आई कहां से।
एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया सरकारी मानकों के अनुसार एक वैक्सीन में से दस लोगों को डोज दी जाती है। जिसमें एक व्यक्ति को .5 एमएल डोज देनी होती है। कुछ कर्मचारी इस डोज की मात्रा को कम करते हुए कई डोज को बचा लेते हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने ऐसा होने से इनकार किया। लेकिन जांच कराए जाने की बात कही।