मथुरा। वृंदावन में कुंभ समापन से पूर्व घटना पर विपक्षी दलों में सियासत शुरू हो गई। कांग्रेस के पूर्व विधानमंडल दल नेता प्रदीप माथुर के आवास पर पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा-संघ कार्यकर्ताओं ने खुद को ही प्रदेश का डीजीपी समझ लिया है। इंसपेक्टर को चप्पल मारने वाली महिला नेत्री पर कार्रवाई न होना और भाजपा हाईकमान के एक फोन पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी, जो दोषी नहीं है। मांग करते हैं कि पुलिस से मारपीट करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और एनएसए भी लगे।
वृंदावन कांग्रेस अध्यक्ष नूतन बिहारी पारीख ने कहा कि कुंभ में भाजपा-संघ के नेताओं ने तीन-तीन दफा पुलिस पर हमला किया, इसके बाद पुलिस पर कार्रवाई हुई। पूर्व जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया ने कहा कि यह भाजपा-संघ कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ जो वारदात की वह निंदनीय है। भाजपा पार्षद और नेत्री के खिलाफ यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस आंदोलन करेगी। वार्ता में बिहारीकांत तिवारी, मोहन सिंह, महेश रावत भी मौजूद रहे।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष उमेश शर्मा एडवोकेट ने कहा है कि भाजपा और संघ का असली चेहरा उजागर हुआ है। जिन पुलिसकर्मियों ने अथक मेहनत करके कुंभ को सफल बनाया भाजपा और आरएसएस ने गुंडई दिखाकर उन पुलिसकर्मियों की हेलमेट और चप्पलों से पिटाई कर डाली। बैठक में निर्णय लिया कि वह जल्द ही धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन करेंगे।
आप जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश भारद्वाज ने पुलिस पर हमले की निंदा की है। भाजपा-संघ की गुंडागर्दी और आतंक से समाज पहले से ही परेशान है, अब इनकी हद से पुलिस प्रशासन भी असुरक्षित हो गया है। सत्ता के दबाव में इस घटना में पुलिस को बलि का बकरा बना दिया गया है वह गलत है। कम से कम दोषी भाजपा और आरएसएस के नेताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।