मथुरा। धर्म नगरी मथुरा और ताज नगरी आगरा जनपद के मध्य फरह क्षेत्र स्थित जोधपुर झाल पर एशियन वाटर बर्ड सेंसस-22 के अंतर्गत जलीय पक्षियों की गणना की गई है। वेटलैंड्स इंटरनेशनल के इस गणना कार्यक्रम में जोधपुर झाल पर १३४७ जलीय पक्षी मिले हैं।
जोधपुर झाल पर एशियन वाटर बर्ड सेंसस 2022 के अंतर्गत जलीय पक्षियों गणना में 2 समूहों के 12 विशेषज्ञों ने 2 घंटे में लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गणना की। इसमें वेटलैंड्स इंटरनेशनल के डॉ. टीके रॉय, बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा व के अलावा बीआरडीएस के विशेषज्ञ, विश्वविद्यालय के शोधार्थी व जोधपुर झाल के वेटलैंड मित्र भी शामिल हुए।
इनमें मुख्य रूप से समी सैयद, अनुज यादव सुनीता, हिमांशी सागर, निधि यादव, पलक गुप्ता, काजल, कमलेंद्र आदि ने पक्षियों की पहचान व गणना का कार्य किया। दूरबीन, टेलीस्कोप और कैमरा की मदद से गणना की गई।
बीआरडीएस के पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि पक्षियों की गणना निर्धारित वैज्ञानिक प्रणाली से की जाती है। गणना के दौरान पहचान के लिए दूरबीन, टेलीस्कोप और उच्च क्षमता के लैंस युक्त कैमरों का उपयोग किया गया। पक्षियों से दूरी बनाकर ही गणना की गई, जिसमें विभिन्न उपकरणों का प्रयोग हुआ। इस दौरान जोधपुर झाल पर जलीय पक्षियों की 51 में से 29 प्रवासी व 22 स्थानीय प्रजातियां पाई गईं।
इसमें छह प्रजातियां संकटग्रस्त पक्षियों की भी पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि इस गणना में एक वल्नरेबल और 5 नियर थ्रेटेंडेड प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें सारस क्रेन, रिवर टर्न, पेंटेड स्टार्क, ब्लैक हेडेड आईबिश, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, रिवर लेपविंग शामिल हैं।
सबसे अधिक मिली कॉमन टील और बार हेडेड गूज
जोधपुर झाल पर कॉमन टील 434, बार हेडेड गूज 192, यलो वेगटेल 55, रफ 42, गेडवाल 34 और नोर्दन शोवलर 25 की संख्या के अतिरिक्त पाइड एवोसेट, स्पून-बिल, नोर्दन
पिनटेल, पेंटेड स्टार्क, रूडी शेल्डक व ब्लैक टेल्ड गोडविट भी रिकॉर्ड किए गए हैं।
प्रजातियों की संख्या में हुई मामूली वृद्धि
वेटलैंड्स इंटरनेशनल के ईकोलोजिस्ट टीके रॉय के अनुसार इस साल जोधपुर झाल वेटलैंड पर पक्षियों की प्रजातियों व जनसंख्या में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। इसका कारण वर्षा जल का अधिक संचय होना है। पिछले साल जोधपुर झाल पर 47 प्रजाति के पक्षी पाए गए थे। इसमें प्रवासी 27, आवासीय 20, संकटग्रस्त 07 प्रजाति के 1179 से अधिक पक्षी थे।
प्रवासी पक्षियों के हेविटाट संरक्षण को तैयार होगी डीपीआर
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा ने बताया की जोधपुर झाल पर प्राकृतिक जैव विविधता के संरक्षण के आधार पर इसके विकास की कार्य योजना तैयार कर शासन को भेज दी गई है। यहां पर्यटन विकास की संभावनाओं को देखते हुए काम किया जाएगा।