मथुरा। दहेज हत्या में न्यायालय ने दोषी पति को 12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने चार्जशीट में निकाले गए अन्य ससुरालीजनों को तलब किया है।
लायक सिंह निवासी कृष्णापुरी ने अपनी पुत्री शशि चौधरी की शादी धर्मेंद्र उर्फ भूरा निवासी आनंदपुरम थाना जमुनापार के साथ की थी। शादी के बाद से पति सहित अन्य ससुरालीजन शशि को तंग करने लगे। जिसके चलते शशि अपने मायके आ गई। बाद में पंचायत करके शशि को पति धर्मेंद्र उर्फ भूरा के साथ 25 मई 2013 को भेज दिया गया। इस दफा शशि की छोटी बहन रितु भी साथ गई थी। उसी रात करीब 12 बजे रितु को अपनी बहन शशि के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। पति व अन्य ससुरालीजनों को रितु ने चुनरी से गला बांधकर हत्या करते देखा।
जिसकी जानकारी रितु ने पिता को फोन पर दी। पिता लायक सिंह ने पति धर्मेंद्र उर्फ भूरा सहित अन्य ससुरालीजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चार्जशीट से पति के अलावा अन्य नाम निकाल दिए। रितु सहित अन्य सात की गवाही के बाद एडीजे एफटीसी प्रथम नीरू शर्मा ने शशि की हत्या में पति धर्मेंद्र उर्फ भूरा को 12 वर्ष के कारावास की सजा व 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि पति हत्या के बाद से ही जेल में है। विवाहिता शशि की छोटी बहिन रितु वारदात की चश्मदीद गवाह थी।
चार्जशीट से निकाले अन्य अभियुक्त न्यायालय ने किए तलब
थाना जमुनापार पुलिस ने चार्जशीट में पति के अलावा ससुर वीरेंद्र समेत देवर-जेठ व अन्य ससुरालीजन कप्तान, सुल्तान, सुनील, मीनू, कल्पना और रचना को तलब किया है। उन्हें न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया है। यह जानकारी एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने दी।