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सामूहिक आत्महत्या का प्रयास: ऑटो चालक की जहर से माैत...पत्नी की हालत गंभीर, तीन बच्चों की ऐसे बची जान

Wed, 15 Oct 2025 09:11 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

उत्तर प्रदेश के मथुरा में सनसनीखेज मामला सामने आया है। आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ के चलते ऑटो चालक ने परिवार सहित जान देने की कोशिश की। खुद जहर खाने के बाद पत्नी और तीन बच्चों ने भी विषाक्त का सेवन कर लिया।
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पति की माैत और पत्नी की हालत गंभीर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आर्थिक तंगी और कर्जदार की प्रताड़ना से परेशान होकर ऑटो चालक योगेश कुमार ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ पानी में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बड़ी बेटी ने पड़ोसियों को जानकारी, तब पड़ोसियों ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। ऑटो चालक की आगरा में मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर है।
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रिफाइनरी थाना क्षेत्र की राधा विहार में किराये के मकान में रह रहे योगेश (38), निवासी महावतपुर, सादाबाद (हाथरस) ऑटो चालक थे। कुछ दिन पहले मालिक ने किराया नहीं देने पर ऑटो छीन लिया था। कर्ज होने के कारण उसके साथ मारपीट कर दी थी। मृतक के भाई ने बताया कि

मंगलवार की देर रात योगेश ने पत्नी रेनू (35) व तीनों बच्चों को अपनी तकलीफें बताईं और फिर खुद विषाक्त पदार्थ खाया, जो पत्नी को भी दे दिया। बेटी मानसी (12) के मुताबिक, माता-पिता के बाद उसने, गिरधर (8) और 10 वर्षीय बहन ने भी पानी में घुले जहर को पी लिया। माता-पिता की हालत बिगड़ने पर देर रात मानसी पड़ोसियों के पास मदद के लिए पहुंची।
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पड़ोसियों ने घर में जाकर देखा तो दंपती के मुंह से झाग निकल रहा था। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति के चलते आगरा रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान दोपहर में योगेश ने दम तोड़ दिया, जबकि पत्नी रेनू अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। सीओ रिफाइनरी श्वेता वर्मा ने बताया कि युवक ने पत्नी व बच्चों के साथ विषाक्त का सेवन किया था। मामले की जांच की जा रही है।

निजी अस्पताल ने नहीं किया भर्ती
डायल 112 में एंबुलेंस से पति- पत्नी को उपचार के लिए हाईवे थाना क्षेत्र के निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन पैसे के अभाव में हॉस्पीटल प्रबंधन ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया। तब दंपती को सुबह सवा चार बजे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से आगरा रेफर कर दिया।

पैसे लेकर पहुंचा भाई, तब तक तोड़ दिया दम
योगेश के छोटे भाई मोनू ने बताया कि वह जब तक इलाज के लिए गांव से पैसे लेकर पहुंचा, तब तक डॉक्टरेां ने उसे मृत घोषित कर दिया। भाभी की दशा अभी भी गंभीर बनी हुई है।

 
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