जम्मू में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में शहीद हुए भवनपुरा निवासी सेना के जवान समोद चौधरी की शहादत पर गांव को नाज है। लेकिन, अपना बेटा खोने के गम में हर शख्स की आंखें नम हैं। गांव में दिनभर शहीद के परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा। आज गांव में ही शहीद का अंतिम संस्कार होगा।
शुक्रवार को शहीद समोद की वीरांगना सीमा की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें इलाज के लिए मथुरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिनभर लोग शहीद के पार्थिव शरीर की राह देखते रहे। इसके बाद बताया गया कि अब पार्थिव शरीर शनिवार को आएगा। गांव भवनपुरा में शुक्रवार को चूल्हे तक नहीं जले।
शहीद समोद के पिता बच्चू सिंह और भाई प्रमोद सहित अन्य परिवारीजनों के पास ग्रामीणों का दिन भर तांता लगा रहा। बेशक समोद की शहादत पर गांव में गमगीन माहौल था पर अपने लाल की वीरता के चलते ग्रामीण युवा अपने साथी के शव की अगवानी को आतुर दिखे। ग्रामीणों ने मथुरा रोड से गांव को मुड़ने वाले रास्ते को पुष्पों से सजाया। हर किसी की जुबान पर समोद की वीरता भरी शहादत की चर्चा रही।
दोपहर बाद गांव में शहीद के परिवार की सुध लेने के लिए एसडीएम गोवर्धन विश्वभूषण मिश्रा, तहसीलदार बृजपाल यादव, सीओ सदर संजय कुमार पहुंचे। शहीद की पत्नी सीमा की तबीयत की भी लोगों को चिंता थी। उनकी हालत में सुधार बताया गया है।