होलाष्टक समाप्त होने के बाद 5 मार्च से विवाह और अन्य मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो गए हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 12 मार्च तक शुभ मुहूर्त रहेगा, इसके बाद सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से एक माह तक फिर विराम लग जाएगा।
होलाष्टक 24 फरवरी से प्रारंभ हुए, जिसके कारण विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य स्थगित हो गए थे। 3 मार्च को होलाष्टक समाप्त होने के बाद पुनः विवाह और मांगलिक कार्य शुरु हो गए हैं।
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दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि पंचांगों के अनुसार 5 मार्च को होली की दूज पर स्वयं सिद्ध मुहूर्त है। इससे विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण आदि मांगलिक कार्य पुनः प्रारंभ हो गए हैं। यह शुभ अवसर 12 मार्च तक रहेगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार 14 मार्च को सूर्य भगवान के मीन राशि में प्रवेश करने से पुनः एक माह के लिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इसके बाद सूर्य के मेष राशि में प्रवेश (मेष संक्रांति) के साथ ही शुभ कार्य दोबारा प्रारंभ होंगे।
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आचार्य शरद चतुर्वेदी ने बताया कि विक्रम संवत 2083 के नवीन पंचांगों के आधार पर सूर्य के मेष राशि में उच्च स्थिति में प्रवेश करते ही पंचांगों में उल्लिखित महत्व के अनुसार विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्य फिर से आरंभ हो जाएंगे।