जिस गाड़ी में शव फंसा था, उसमें लिखा था प्रधान
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में मांट थाना क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेसवे पर कार ने एक शव को करीब 11 किलोमीटर तक घसीटा। घसीटने वाली कार के पीछे प्रधान लिखा था। मामले में पुलिस ने बुधवार को चालक के खिलाफ सड़क हादसे का मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका कि जिस गाड़ी में शव फंसा हुआ मिला हादसा इसी से हुआ है या दूसरी कार से। पुलिस ने खंदौली से लेकर 11 किमी तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। लेकिन हादसे के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी।
गुरुग्राम में ब्लू डार्ट कोरियर के कैंटर चालक रिजपाल सिंह (25) पुत्र मूलचंद निवासी उरैंग, जिला इटावा का शव मंगलवार तड़के करीब 3.30 बजे जाबरा टोल प्लाजा पर कार के पिछले हिस्से में फंसा देखा गया था। उसके कब्जे से मिले मोबाइल के माध्यम से परिजन को सूचना दी गई थी। भाई और बहनोई समेत अन्य परिजन बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। मृतक के भाई शिशुपाल ने थाना मांट में कार चालक के खिलाफ सड़क हादसे का मुकदमा दर्ज कराया है।
सांकेतिक तस्वीर।
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प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि वीरेंद्र सिंह पुत्र रतिमन सिंह निवासी संगम विहार थाना तिगड़ी, दिल्ली के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि खंदौली से लेकर जाबरा टोल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं, पर अभी तक कुछ ऐसा नहीं मिला है कि जिससे रिजपाल की मौत किस वाहन से हुई यह पता चल पाए। जांच में साबित होता कि हादसा वीरेंद्र की कार से हुआ है तो उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।
पांच भाई और बहनों में दूसरे नंबर का था रिजपाल
रिजपाल पांच भाई और बहनों में दूसरे नंबर का था। उससे बड़ी बहन प्रियंका की शादी हो चुकी है। छोटी बहन बैबी, भाई शिशुपाल और स्नेह बाबू हैं। पूरे घर की जिम्मेदारी संभाल रहे रिजपाल की मौत से परिवार में गम का माहौल है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे भाई और बहनोई का रो-रोकर बुरा हाल था। डॉक्टरों के दो पैनल ने रिजपाल के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिजन शव लेकर इटावा के लिए रवाना हो गए।
टोल कर्मियों ने देखा तो बुलाई पुलिस
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रात 11 बजे बहनोई की हुई रिजपाल से बात
बहनोई जितेंद्र ने बताया कि 6 फरवरी को रात पौने 11 बजे रिजपाल से उनकी आखिरी बार बात हुई थी, तब वह रोडवेज बस से परी चौक पहुंचा था। यह बस 7 फरवरी को सुबह करीब 5 बजे इटावा पहुंचनी थी। सुबह रिजपाल के कई बार फोन किया,लेकिन स्विच ऑफ आ रहा था। गांव उरैंग न पहुंचने पर परिजन के फोन भी आने लगे। इससे पूरा परिवार काफी परेशान रहा। 7 फरवरी को शाम 4 बजे पुलिस का फोन आने पर रिजपाल के बारे में जानकारी मिल सकी।
जितेंद्र ने बताया कि एक फरवरी को रिजपाल हमारे घर आया था। उसने कहा था कि मार्च में उसकी परीक्षा शुरू हो जाएंगी। इसके लिए वह छह फरवरी की रात 8.30 बजे गुरुग्राम से रवाना हुआ था। ब्लूडार्ट कोरियर वाले से हिसाब करके उसने घर ऑनलाइन रुपये भी भिजवाए थे। केवल 11 सौ रुपये अपने पास रखे। उसके पास से पुलिस ने कीपैड फोन बरामद किया है।