मथुरा में अनुसूचित जाति की युवती की हत्या कर उसका शव छिपाने वाले युवक को एडीजे विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अजय पाल सिंह ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही हत्यारे पर 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
4 जुलाई 2009 को गोवर्धन थाना क्षेत्र के कस्बा अड़ींग में रहने वाली युवती घर के समीप नल पर पानी भरने के लिए गई थी। इसी दौरान कस्बे में रहने वाले कुमरो उर्फ कुमर सिंह ने उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। युवती ने अपने घर आकर परिजन को बताया और वह कुमरो से बात करने गए तो उसने परिजन को भी जाति सूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद युवती का शव घर के पास झोपड़ी में मिला।
युवती के चाचा ने कुमरो उर्फ कुमर सिंह के खिलाफ गोवर्धन थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने नामजद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। कुछ समय बाद उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी।
मंगलवार को शासकीय अधिवक्ता की दलील, पुलिस की विवेचना, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 13 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट के निर्णय के बाद कुमरो का सजाई वारंट बनाकर उसे सजा भुगतने के लिए जिला कारागार भेज दिया गया।