भगवान सूर्यनारायण के उत्तरायण होने का पर्व मकर संक्रांति शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से ही यमुना में स्नान और दान करने की होड़ मचेगी। पर्व के लिए मंदिरों में भी विशेष दर्शनों का आयोजन होगा।
ज्योतिर्विद पंडित ओमप्रकाश गौतम के अनुसार मकर संक्रांति गुरुवार शुक्रवार रात एक बजकर 25 मिनट पर आएगी। ऐसे में संक्रांति का फल शुक्रवार को अर्जित होगा। संक्रांति का प्रवेश कौलव करण में हो रहा है।
इस बार राजा और प्रजा में मतभेद का योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य कामेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि सभी पंचांगों में स्पष्ट है मकर संक्रांति का पुण्य लाभ 15 जनवरी को सुबह सूर्योदय से शुरू होगा।
कहा जाता है इस दिन देवता पृथ्वी पर आकर दान ग्रहण करते हैं और दानियों को सौ गुना फल की प्राप्ति होती है। मकर संक्रांति पर सुबह यमुना में स्नान करने के बाद श्रद्धालु दान-दक्षिणा देकर पुण्य अर्जित करते हैं। इस दिन खिचड़ी, घी, गुड़, तिल की मिठाई, ऊनी वस्त्र दान देने का विशेष महत्व है।
इन राशियों के लिए लाभकारी
मेष, वृष, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर, कुंभ को लाभप्रद और कर्क, वृश्चिक, मीन राशि के लिए अशुभ।