ऐसे में भक्तों की पीड़ा है कि इस पूरी व्यवस्था में पारंपरिक संकरी गली वाली छोटी परिक्रमा शामिल नहीं है। वर्षों से श्रद्धालु इसी मार्ग से होकर चिकसोली और गहवर वन जैसे पावन स्थलों के दर्शन करते हुए मंदिर पहुंचते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौजूदा व्यवस्था को यथावत रखते हुए छोटी परिक्रमा को गहवर वन तक संचालित कर मुख्य परिक्रमा मार्ग से जोड़ दिया जाए, तो किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार छोटी परिक्रमा जुड़ने से परिक्रमार्थियों की दूरी 15 किलोमीटर के स्थान पर करीब 13 किलोमीटर रह जाएगी। स्थानीय निवासी लक्ष्मण प्रसाद शर्मा ने कहा कि बरसाना की पारंपरिक छोटी परिक्रमा वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का हिस्सा रही है। यदि गहवर वन तक छोटी परिक्रमा को जोड़ दिया जाए तो भीड़ भी नियंत्रित रहेगी और बुजुर्गों को राहत मिलेगी। कस्बा निवासी मदनलाल ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था सुरक्षा की दृष्टि से उचित है, लेकिन 15 किलोमीटर की दूरी सभी के लिए संभव नहीं है।
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