श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर शरद पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। रात में महारास महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहा। गोपियों के साथ कन्हैया के महारास को देख श्रद्धालु भक्ति में सराबोर हो गए।
महारास महोत्सव का शुभारंभ सुबह आठ बजे गौचारण लीला स्थल पर पंचगव्य से अभिषेक किया गया। शाम चार बजे केशवदेव मंदिर में चंद्रलोक में विराजमान कर भव्य छप्पन भोग दर्शनों का आयोजन किया गया।
रात में श्रीकृष्ण जन्मस्थान लीला मंच और श्रीकृष्ण चबूतरे पर महारास लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। गोपियों के बीच कृष्ण के महारास दर्शन को देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। समापन महाआरती के साथ हुआ।
जन्मस्थान संस्थान के गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।