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5 साल में यमुना को 2500 क्यूसेक जल

Mon, 26 Oct 2015 11:24 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
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आगामी पांच सालों में यमुना को 2500 क्यूसेक पानी मिलने लगेगा। इसकी आवश्यकता खुद केंद्र सरकार ने अपनी रिपोर्ट में एनजीटी को जताई है। यह बात गोकुल में संत और आचार्य सम्मेलन के दौरान सामने आई। संतों ने फिलहाल सरकार की मंशा पर संतोष जाहिर किया है लेकिन वादाखिलाफी होने पर कड़ा संदेश देने की बात कही है।
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सोमवार को यमुना मुक्तिकरण अभियान और आधिदैविक ब्रजयात्रा समिति के संयुक्त तत्वावधान में सम्मेलन का आयोजन चार संप्रदाय के महंत फूलडोल दास की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य अतिथि षष्टम पीठाधीश्वर शरद बाबा कोटा वालों ने कहा कि आज यमुना जी का भौतिक स्वरूप दूषित है जिसे शुद्ध कराने की नितांत आवश्यकता है। इसके लिए सभी को एकजुटता के साथ प्रयास करने हैं।

अभियान के राष्ट्रीय संयोजक पुष्टिमार्ग आचार्य पंकज बाबा ने कहा कि केंद्र सरकार अभी हमारी मांगों के अनुरूप सहयोग कर रही है। उम्मीद है शीघ्र ही नाला निर्माण और पानी छोड़ने संबंधी मांगें पूरी होंगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए ये भी कहा कि यदि सरकार ने कही भी वादाखिलाफी की तो फिर निर्णायक आंदोलन ही होगा।
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यमुना शुद्ध होने तक यमुना भक्त दिल्ली में ही डटे रहेंगे। राधा प्रिय ने बताया कि केन्द्र सरकार ने एनजीटी को पांच साल में 2500 क्यूसेक पानी यमुना में बरकरार रखने की संस्तुति की है। इसके लिए एक साल के अंदर 1000 क्यूसेक पानी हथिनीकुंड और ओखला बैराज से 500 क्यूसेक पानी छोड़ने की आवश्यकता जताई है। राधाकांत शास्त्री ने आंदोलन की भूमिका पर प्रकाश डाला।

इनके अलावा वक्ताओं में स्वामी आदित्यानंद, विनय बाबा, गोपेश बाबा, महेश शास्त्री, भक्त शरण, सुरेश आचार्य, अभियान की यूथ विंग के अध्यक्ष अनुभव बाबा, गिरि महाराज, पंकज चतुर्वेदी हरेश ठेनुआ प्रमुख रहे। करीब तीन घंटे तक चली इस चर्चा में बड़ी संख्या में संत और आचार्य शामिल हुए।
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ब्रज में यमुना का निर्मल पानी आकर रहेगा। यमुना को लेकर चलाए गए ऐतिहासिक आंदोलनों का असर साफ नजर आ रहा है। जल्द ही सबकुछ ठीक होगा।
राधाकांत शास्त्री, मान मंदिर बरसाना





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