महर्षि दयानंद अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में ब्लड का टोटा आ गया है। यहां निगेटिव ग्रुप के ब्लड का स्टॉक तो खत्म होने को है। ऐसे में प्रसव पीड़िताओं, बीपीएल कार्ड धारक और गरीब असहाय रोगियों को बिना रक्त जमा किए रक्त उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है।
महर्षि दयानंद परिसर स्थित ब्लड बैंक से सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को आवश्यकता पर निशुल्क और बिना रक्त जमा कराए रक्त उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा बीपीएल कार्ड धारक, गरीब और असहायों को भी इसी तर्ज पर रक्त दिया जाता है।
वर्तमान में बैंक में रक्त का टोटा पड़ रहा है। काउंसलर सुशीला शर्मा ने बताया कि यहां इस समय मात्र 75 यूनिट ब्लड है। जबकि न्यूनतम 80 से 150 यूनिट ब्लड होना आवश्यक है। वर्तमान में निगेटिव ग्रुप के सभी ब्लड के अलावा ‘ए’ पॉजिटिव, ‘एबी’ पॉजिटिव की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।
पूर्व व्यवस्था पर नहीं हो रहा अमल
ब्लड बैंक में ब्लड का स्टॉक निरंतर बना रहे इसके लिए पूर्व में की गई व्यवस्था पर अब अमल नहीं हो रहा है। पूर्व की व्यवस्था के तहत आम रक्तदाताओं के अलावा सरकारी विभागों के कर्मचारियों से भी इसमें सहयोग मांगा गया था।
ब्लड बैंक से प्रसव पीड़िताओं, गरीब असहाय लोगों को लगातार रक्त उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में स्टॉक की कमी से इन मरीजों को परेशानी आ रही है। हम यथा संभव रक्त संग्रहण का प्रयास कर रहे हैं।
-डा. केपी गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मथुरा