भगवान वरदराज का अभिषेक करते हुए संत। संवाद
वृंदावन। नगर के रंगजी बगीचा स्थित बड़ा खटला आश्रम में चल रहे भगवान वरदराज के त्रिदिवसीय वार्षिक महोत्सव का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। वैदिक विधि-विधान के साथ भगवान वरदराज का 108 रजत कलशों से महाअभिषेक किया गया।
समापन दिवस पर विष्णु पुराण, वाल्मीकि रामायण, उपनिषद, चारों वेदों एवं भाष्य मुमुक्षु पढ़ी का पाठ हुआ। नारद पंचरत्न विधि के अंतर्गत एकादशी ब्राह्मण विद्वानों द्वारा भगवान वरदराज का महा अभिषेक विधिपूर्वक संपन्न कराया गया। मान्यता है कि इसी शुभ चित्रा नक्षत्र में भगवान वरदराज का प्रतिष्ठापन बड़ा खटला आश्रम में हुआ था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी रामेश्वराचार्य महाराज ने की। मुख्य यजमान मुंबई से आए राम किशोर सिंगी एवं आरा, बिहार से आए अखिलेश्वर पांडे ने विशेष पूजन कर भगवान वरदराज का आराधन किया। महाअभिषेक के पश्चात पीठाधीश्वर द्वारा भगवान की महाआरती संपन्न हुई।
ब्रज के प्रसिद्ध कथा वाचक मारुति नंदन वागीश महाराज, जगद्गुरु पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी राधाकांताचार्य महाराज, हयग्रीव रामानुज संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य संजय दुबे, प्रवक्ता ओमप्रकाश चतुर्वेदी, प्रमोद शास्त्री, कैलाश चंद्र शास्त्री, ललित किशोर शास्त्री आदि मौजूद थे।