दर्शन देने निकले भगवान गोदारंगमन्नार।
वृंदावन। श्रीरंग मंदिर के ब्रह्मोत्सव के चौथे दिन मंगलवार को भगवान रंगनाथ चांदी से जड़ित शेषनाग की सवारी पर विराजमान हुए। भगवान की सवारी मंदिर से बड़े बगीचा पहुंची। भक्तों ने मार्ग में रंगोली सजाई और आरती उतारकर आराध्य का स्वागत किया।
पौराणिक मान्यता है कि इस सवारी के दर्शन करने से भक्तों को वैकुंठ लोक की प्राप्ति तथा पितरों की सदगति होती है। इससे पहले तृतीय दिवस भगवान रंगनाथ ने हनुमानजी के कंधों पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। सवारी के बड़े बगीचा पहुंचने पर आतिशबाजी की गई। आधा घंटे तक हुई आतिशबाजी का भक्तों ने आनंद लिया।