मथुरा। चेटीचंड पर्व पर सिंधी जनरल पंचायत द्वारा भगवान झूलेलाल का 1076वां जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। खराब मौसम के चलते पारंपरिक शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
होलीगेट स्थित एक मैरिज होम में अमर ज्योति के दर्शन व भंडारे का आयोजन किया गया। पंडित मोहनलाल महाराज ने विधि-विधान से ज्योति प्रज्ज्वलित की। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। इस दौरान आयो लाल झूलेलाल के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।मुख्य संयोजक रामचंद्र खत्री के नेतृत्व में श्रद्धालु नाचते-गाते बंगाली घाट पहुंचे, जहां ज्योति का यमुना में विसर्जन किया गया। डंडेशाही की पारंपरिक प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।
अध्यक्ष नारायणदास लखवानी ने कहा कि विपरीत मौसम के बावजूद समाज ने एकता और संस्कृति के प्रति समर्पण का परिचय दिया। मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी ने बताया कि अवतरण के बाद भगवान झूलेलाल ने मात्र 13 वर्ष तक की उम्र तक ही सिंधी समुदाय का मार्गदर्शन किया। संवत 1007 (सन् 951ई) को जन्मे वरुणावतार झूलेलाल संवत् 1020 (सन् 964 ई) के भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी पर जल समाधि लेकर अंतर्धान हो गए। आज भी लाल साई की ज्योति जलती रहती है जो भगवान झूलेलाल की मौजूदगी का एहसास कराती है।
इस अवसर पर महामंत्री बसंतलाल मंगलानी, तुलसीदास गंगवानी, जीवतराम चंदानी, डॉ. प्रदीप उकरानी, कन्हैयालाल भाईजी, गुरुमुखदास गंगवानी, सुरेशचंद मेठवानी, जितेंद्र लालवानी, भगवान दास मंगवानी बेबूभाई, रमेश नाथानी, जितेंद्र भाटिया, पीतांबर दास रोहेरा, झामनदास नाथानी, चंदनलाल आडवानी, सुदामालाल खत्री, हरीश चावला, अशोक अंदानी, गिरधारी नाथानी व अनीता चावला आदि मौजूद रहे।