राधाकुंड। श्रीधाम राधाकुंड के भगवान जगन्नाथ मंदिर में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को स्नान यात्रा के अवसर पर 108 जल के कलशों एवं पंचामृत अभिषेक में भक्ति की धारा प्रवाहित हुई। भगवान जगन्नाथ स्नान के बाद 15 दिन तक एकांतवास में रहेंगे। आगामी एक जुलाई को भव्यता के साथ रथ यात्रा निकाली जाएगी।
मंगलवार की प्रात: बेला में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक श्रीपाद रघुनाथ दास गद्दी के महंत केशव दास के सानिध्य में हुआ। अभिषेक दर्शन में भगवान जगन्नाथ के जयकारे गूंज उठे। महंत केशव दास ने बताया कि राजा इंद्रदु्रम्न जी ने जगन्नाथ जी के विग्रह को प्रकट किया था। जीव कल्याण व उनके दर्शनों के लिए रथयात्रा निकाली जाएगी।
लौकिक लीला में जगन्नाथ जी स्नान के बाद बीमार हुए हैं। उनके स्वस्थ होने के लिए विशेष प्रकार की औषधि दी जाएगी। इस अवसर पर पुजारी स्वरूप दास, व्यास परीक्षित दास महाराज, निताई दास, केशवानंद दास, सुलोचन दास, अद्वैत दास, माधव दास, राधारमन दास, जय गोपाल दास, ब्रजकांत दास आदि थे।