गोवर्धन। अनंत चतुर्दशी पर गिरिराज तलहटी में 25 सितंबर को अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर कमल दल और शेषनाग पर विराजमान गिरिराज महाराज दर्शन देंगे। पूर्णिमा पर छप्पन भोग स्थल पर सप्त ध्वजा पूजन के साथ कोलकाता और ओडिशा के कारीगरों ने राजमहल व कुंज निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया है। तलहटी को हरियाली से सजाकर हरिप्रियतमा का स्वरूप दिया जा रहा है।
श्रीगिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने बताया कि इंद्र का मानमर्दन कर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गिरिराज को धारण किया था। उसी स्मृति में ब्रजवासी गिरिराज प्रभु को छप्पन भोग अर्पित करते हैं। महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने कहा कि इस वर्ष का आयोजन ब्रजवासियों के मनोरथ की पूर्ति के लिए विशेष रूप से किया जा रहा है।
कार्यक्रम के तहत 18 सितंबर को अन्नपूर्णा रथ रवाना होगा। 19 को भट्टी पूजन और वर्ण बंधन से महोत्सव की शुरुआत होगी। 23 को दुग्ध धारा के साथ परिक्रमा लगाई जाएगी। 24 सितंबर को सप्त नदियों के जल, गाय के दूध और जड़ी-बूटियों से प्रभु का महाभिषेक होगा और शाम को स्वामी श्रीहरिदास संगीत समारोह में देश के नामी कलाकार प्रस्तुति देंगे।
वहीं 25 सितंबर को छावरिया सेवा के बाद शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक कमल दल के साथ शेषनाग पर विराजमान गिरिराज प्रभु दर्शन देंगे। छप्पन भोग के व्यंजन वैष्णव विधि से तैयार करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से हलवाई आ रहे हैं। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष दीनानाथ, राजेंद्र सर्राफ, भगवान दास खंडेलवाल, राघवेंद्र गर्ग, राकेश गर्ग आढ़ती, दिनेश सादाबाद, पंकज जौहरी, अरविंद विसावर, दिनेश मंगल, नितिन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।