प्रदेश के लोकायुक्त एनके महरोत्रा ने शुक्रवार को मथुरा नगर पालिका और मांट तहसील से जुड़ी शिकायतों की जांच की। इसके लिए चेयरमैन मथुरा और एसडीएम मांट के साथ तहसीलदार लोकायुक्त के समक्ष पेश हुए। मांट तहसील से जुड़े मामले में डीएम को जांच के आदेश दिए गए हैं।
शुक्रवार को राज्य लोकायुक्त एनके महरोत्रा कई शिकायतों की जांच के लिए मथुरा आए थे। उन्होंने मथुरा नगर पालिका से जुड़े बिंदु कान्हा माखन पब्लिक स्कूल का कब्जा, डैंपियर नगर में विकास बाजार के निकट दो कांपलेक्स का निर्माण, पांच स्थल आवंटन और मोबाइल टावर की अनुमति शामिल थे।
इस पर चेयरमैन मनीषा गुप्ता ने अपना पक्ष रखा। इनमें से अधिकांश मामले पुराने कार्यकाल के बताते हुए उन्होंने कहा कि कब्जा मुक्त के लिए संबंधित आदेश दिया था। ईओ केपी सिंह ने भी अपना पक्ष रखा। इसके बाद शिकायतकर्ता पूर्व सभासद उमेश भारद्वाज को चेयरमैन की ओर से आए जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा। इसके लिए एक सप्ताह की मोहलत भी उन्हें दी गई।
इसके अलावा तहसील मांट की ग्राम पंचायत नीमगांव में जमीन के पट्टों को लेकर जांच हुई। 2013 के दौरान 75 आवास के लिए पट्टे दिए गए थे, जिसमें अपात्रों के चयन की शिकायत थी। इस पर एसडीएम मांट अंजनी कुमार सिंह ने अब तक की गई कार्रवाई से लोकायुक्त को अवगत कराया। इसमें डीएम को जांच के आदेश दिए गए हैं।