शुक्रवार को दो घंटे की बरसात से शहर में बाढ़ से हालात बन गए। स्थिति यह थी कि कई क्षेत्रों में सड़कों पर इतना पानी था कि इसमें आदमी डूब जाए। इसमें ट्रैक्टर आदि बड़े वाहन भी पूरे डूबे हुए नजर आ रहे थे। जो लोग रास्ते में फंसे थे वे जान हथेली पर लेकर घर तक पहुंचे। राहगीरों को यही पता नहीं चल पा रहा था कि कहां नाला या सीवर होगा। लोगों में इस बात की बड़ी चिंता थी कि यह स्थित इस मौसम की पहली बरसात में ही हो गई, अभी बरसात का पूरा सीजन बाकी है।
शुक्रवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए थे। दोपहर करीब 12 बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे हुई बरसात और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से तो राहत दिलाई, लेकिन शहर के कई पॉश इलाके जलमग्न हो गए। क्या घर, क्या दुकान सब जगह पानी भरा दिख रहा था। इससे लोगों को खासा नुकसान उठाना पड़ा। शहर के बीच डैंपियर नगर, होलीगेट, आर्यसमाज रोड, छत्ताबाजार, स्वामीघाट, चौक बाजार, मंडी रामदास, घीया मंडी, नया बसस्टैंड, पुराना बसस्टैंड, भूतेश्वर पुल, बीएसए कालेज रोड, महोली रोड, कृष्णानगर, राधानगर, महाविद्या आदि क्षेत्र की कालोनियों में जलभराव से लोग कराह उठे। लोग नगर पालिका की व्यवस्थाओं को कोस रहे थे।
दो दिन में 80 मिमी बरसात दर्ज
राया शोध केंद्र पर शुक्रवार को 60 मिमी बरसात दर्ज की गई। प्रभारी डॉ. श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि बीते दो दिनों में रिकॉर्ड 80 मिमी बरसात दर्ज की गई है। दिन के तापमान में दो डिग्री की गिरावट के साथ 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आर्र्दता 80 प्रतिशत दर्ज की गई है।
सड़क बन गई स्वीमिंग पूल
जलनिकासी व्यवस्था गड़बड़ाने के कारण भूतेश्वर पुल के नीचे सड़क पर चार फुट से अधिक पानी बह रहा था। बच्चों ने यहां स्वीमिंग पूल की तरह आनंद लिया। कोई वाहनों को रोकने के लिए लगी रेलिंग पर चढ़कर सड़क पर भरे पानी में छलांग लगा रहा था तो इसमें तैराकी का लुत्फ उठा रहा था।
जान जोखिम में डाल रेलवे लाइन से निकाले वाहन
नए बसस्टैंड पर आदमी डुबाऊ जलभराव के असहाय बने दुपहिया वाहन चालकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन से वाहन निकाले। इस बीच यदि कोई ट्रेन आ जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।