मथुरा। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन में जिस प्रकार हर उम्र के लोग अधिक समय तक मोबाइल और टीवी देख रहे हैं, इससे उनकी आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है। बच्चे, जवान, बुजुर्ग व महिलाएं सभी घर में या तो टेलीविजन के सामने बैठे रहते हैं या फिर मोबाइल देखते रहते हैं।
बहुत से युवा घर में लैपटाप व कंप्यूटर के आगे बैठे रहते हैं। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी हो रही है। इससे उनकी आंखों पर जोर पड़ रहा है। ऐसे में लोग आंखों की समस्या को लेकर परेशान हैं। लॉकडाउन के दौरन ज्यादातर शिकायतें मिल रही हैं कि लोगों की आंखें लाल हो रही हैं। उनमें चुभन पैदा हो रही है। आंखों से पानी आने की शिकायतें मिल रही हैं।
आंखों में तनाव और भारीपन की शिकायतें भी लोग कर रहे हैं। कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करें तो आंखों को जल्दी-जल्दी झपकाएं। हर 30 मिनट बाद आंखों को विश्राम दें। दिन में तीन-चार बार आंखों को शीतल जल से धोते रहें। अगर आंखों में लालपन, चुभन, पानी आ रहा है तो डाक्टर की सलाह लें।
- डॉ. मुकेश जैन, वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक
आंखों से कोरोना का खतरा, चश्मा पहनें
कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा आंखों से भी रहता है। आंखों के माध्यम से भी कोरोना वायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है। खांसने, छींकने आदि के कारण द्रव्य पदार्थ हवा में आ जाता है। इन्हीं में कोराना वायरस छिपा होता है। इसीलिए कहा जाता है कि चेहरे व आंखों से हाथ न लगाएं और बार-बार हाथ धोते रहें। चश्मा पहनकर बाहर निकलेंगे तो वायरस के हमले से बचा जा सकता है।